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जगद्गुरु शंकराचार्य को शाही स्नान से रोकना अमानवीय, भाजपा का हिंदू विरोधी चेहरा उजागर : कांग्रेस

  • शंकराचार्य का अपमान सनातन धर्म और अखंड परंपराओं का अपमान है

द सीजी न्यूज

दुर्ग। कांग्रेस ने प्रयागराज माघ मेले में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को शाही स्नान से रोके जाने, उनके साथ हुए दुव्र्यवहार और उनके शिष्यों पर हुए अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार का हिंदू विरोधी और सनातन परंपराओं के प्रति असंवेदनशील चरित्र करार दिया है।
जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल व भिलाई नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि खुद को हिंदुओं की सबसे बड़ा हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार आज हिंदू धर्म के सर्वोच्च पीठाधीशों में से एक शंकराचार्य का अपमान कर रही है। शंकराचार्य पिछले 36 घंटे से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने अब तक उनसे संवाद करने का कोई प्रयास नहीं किया है। यह न केवल एक संत का अपमान है, बल्कि सनातन धर्म की सदियों पुरानी परंपराओं का भी अपमान है।
जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं। पहली बार किसी सरकार ने इस अखंड धार्मिक परंपरा को तोडऩे का दुस्साहस किया है। मुगलों और अंग्रेजों ने कभी शाही स्नान जैसी परंपरा को नहीं रोका, लेकिन भाजपा सरकार ने ऐसा किया है। साफ जाहिर है कि भाजपा का सनातन प्रेम केवल दिखावा है।
दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार पिछले 12 वर्षों से केंद्र में सत्ता में है और हिंदू धर्म के नाम पर राजनीति करती रही है। भाजपा आज संतों के सम्मान को रौंद रही है। शंकराचार्य के शिष्यों को बाल पकड़कर घसीटा जाना, उनके साथ मारपीट करना और पालकी तक ले जाने की अनुमति न देना निंदनीय है। आरएसएस प्रमुख को जेड-प्लस सुरक्षा देने वाली सरकार को क्या शंकराचार्य और उनके अनुयायियों की सुरक्षा की चिंता नहीं है?
भिलाई शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने कहा कि शंकराचार्य अक्सर अव्यवस्थाओं को उजागर करते हैं और अधूरी तैयारियों पर आपत्ति जताते हैं। सरकार से सवाल भी पूछते हैं। अयोध्या में आधे-अधूरे राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा, महाकुंभ की अव्यवस्था और कोविड काल में गंगा में तैरती लाशों का सच सामने लाने के कारण भाजपा उनसे नाराज है। इसी कारण एक पूज्य संत को अपमान और अनशन की स्थिति में पहुंचा दिया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग करते हुए कहा कि भाजपा सरकार तत्काल शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से संवाद करे। उनके सम्मान और सुरक्षा की गारंटी दे। शाही स्नान जैसी पवित्र और अखंड धार्मिक परंपराओं में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप बंद करे। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि संतों और सनातन परंपराओं का अपमान बंद नहीं हुआ तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।

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