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भिलाई के मयंक की अमेरिका में बड़ी सफलता, हिंदी-यूएसए को मिली मान्यता

द सीजी न्यूज

भिलाई। इस्पात नगरी भिलाई से अमेरिका जाकर हिंदी की सेवा कर रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर मयंक जैन को बड़ी सफलता मिली है। उनकी संस्था हिंदी-यूएसए को अमेरिका में एसीएस-डब्ल्यूएएससी से प्रारंभिक मान्यता मिल गई है। हिंदी यूएसए के वर्तमान संस्थापक समन्वयक मयंक जैन ने अपनी इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ और भिलाईवासियों से साझा करते हुए कहा कि यह सफलता हिंदी यूएसए की शैक्षणिक गुणवत्ता, संगठनात्मक उत्कृष्टता और निरंतर सुधार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे अमेरिका में हिंदी के प्रति और ज्यादा समर्पण के साथ काम करने प्रोत्साहन मिला है।
सेंट लुइस, मिसूरी में रह रहे मयंक जैन ने बताया कि उनके संस्थान हिंदी यूएसए को अमेरिका की वैधानिक और अधिकृत संगठन एक्रीडिटिंग कमीशन फॉर स्कूल्स, वेस्टर्न एसोसिएशन ऑफ स्कूल्स एंड कॉलेजेस (एसीएस-डब्ल्यूएएससी) ने मान्यता दी है। यह मान्यता एक विस्तृत आत्म-मूल्यांकन प्रक्रिया और डब्ल्यूएएससी की आधिकारिक निरीक्षण टीम द्वारा किए गए मूल्यांकन के बाद प्रदान की गई। इस प्रक्रिया में हिन्दी यूएसए की शैक्षणिक संरचना, शिक्षण पद्धतियों, नेतृत्व क्षमता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का मूल्यांकन किया गया।
जानिए हिंदी-यूएसए के बारे में
हिंदी यूएसए की स्थापना लगभग 25 वर्ष पूर्व न्यू जर्सी में देवेंद्र सिंह, रचित सिंह और राज मित्तल ने की थी। वर्तमान में मयंक जैन व उनकी पत्नी अंशु जैन के प्रयासों से यह संस्था अमेरिका के 29 स्कूलों में संचालित हो रही है और देश की सबसे बड़ी गैर-लाभकारी हिंदी भाषा संस्थाओं में से एक है। यह संस्थान एक पंजीकृत 501 (सी)(3) संगठन के रूप में, हिंदी यूएसए 4,000 से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रहा है, जिसमें 350 से अधिक स्वयंसेवी शिक्षक और समन्वयक सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। समुदाय-आधारित मॉडल पर कार्य करने वाला हिंदी यूएसए आज अमेरिका का सबसे बड़ा स्वयंसेवी हिंदी शिक्षा संगठन माना जाता है, जो हिंदी भाषा, भारतीय संस्कृति और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।

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