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राजस्व विभाग के पेंडिंग मामलों पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी, अफसरों को दिए सख्त निर्देश

THE CG NEWS

दुर्ग। जिला स्तरीय राजस्व समीक्षा बैठक कलेक्टर अभिजीत सिंह ने नामांतरण, फौती, बंटवारा, सीमांकन, धारणाधिकार, भूमि आवंटन और मुआवजा वितरण सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की।

कलेक्टर ने लंबित मामलों के निराकरण में अनावश्यक देरी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने समय-सीमा से बाहर लंबित फौती नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों की समीक्षा के दौरान विभिन्न ग्राम पंचायतों में लंबित मामलों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। आवश्यक दस्तावेज और पटवारी प्रतिवेदन के बिना नामांतरण आदेश जारी किए जाने के मामले में संबंधित सचिवों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बैंक में बंधक जमीनों से जुड़े बंटवारा और नामांतरण प्रकरणों में भी प्रक्रिया स्पष्ट करते हुए बैंक की अनापत्ति और आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि पात्र मामलों में वारिसों के नाम दर्ज करने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। विवादित भूमि के मामलों को अविवादित प्रकरणों से अलग कर नियमानुसार विवादित पंजी में दर्ज करते हुए गुण-दोष के आधार पर सुनवाई पूरी करने को कहा गया।

स्वामित्व योजना के तहत तहसीलवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकार अभिलेखों के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य व केन्द्र सरकार की योजनाओं से संबंधित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करते हुए आगामी शिविरों में वितरण कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर सिंह ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य 30 सितंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीसीएस सर्वे कार्य की धीमी प्रगति वाले गांवों पर विशेष ध्यान देने को कहा। जिन गांवों में सर्वे कार्य तेजी से पूरा हो रहा है, वहां उपलब्ध सर्वेयर को कम प्रगति वाले गांवों में लगाने को कहा।

प्रत्येक गांव की सर्वे प्रगति का व्यवस्थित दैनिक रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए। गांववार सूची में प्रत्येक दिन की प्रगति अलग-अलग दर्ज करने कहा गया। सर्वे कार्य की प्रतिदिन नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर कार्य की वास्तविक स्थिति की जांच करने और दैनिक प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में धमधा और पाटन क्षेत्र के लंबित धारणाधिकार प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। धमधा और पाटन के 7-7 सहित कुल 14 प्रकरणों में देरी पर संबंधित एसडीएम को तहसीलदार और पटवारियों के माध्यम से खसरा-बी 1 और भूमि स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड की जांच शीघ्र पूरी कराने एवं उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जांच प्रक्रिया में अनावश्यक रूप से समय नहीं लगाने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर योगिता देवांगन, विरेन्द्र सिंह, हरवंश सिंह मिरी, सिल्ली थामस सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख एवं सभी सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख उपस्थित थे।

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