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साइबर ठगी के शिकार हुए नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष : खुद को आर्मी अफसर और पूर्व निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन का दोस्त बताकर कांग्रेस नेता को दिया झांसा

ठगी के लिए इन तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया

द सीजी न्यूज

नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष देव कुमार जंघेल आज ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। खास बात ये है कि ऑनलाइन ठगी करने वाले ने खुद को आर्मी अफसर बताया। नगर निगम के पूर्व कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन का दोस्त बताकर झांसा दिया और जंघेल से 30 हजार रुपए ठग लिये। जंघेल ने इसकी शिकायत साइबर सेल से कर दी है।

ठगी का शिकार हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष देव कुमार जंघेल

देव कुमार जंघेल के पास एक फोन कॉल आया जिसमें फोन करने वाले सुमीत कुमार ने खुद को आर्मी अफसर बताया। उसने खुद को नगर निगम के पूर्व कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन का दोस्त बताते हुए कहा कि बिलासपुर से कश्मीर ट्रांसफर होने के कारण उसे घर का सामान बेचना है। बर्मन ने ही उन्हें जंघेल का नंबर दिया है। ऐसा कहते हुए फर्जी आर्मी अफसर ने सामान बिकवाने में मदद का आग्रह किया। इसके बाद उसने फर्नीचर सहित करीब 10 सामग्री की लिस्ट भेजी। जंघेल ने पूर्व कमिश्नर के मित्र की मदद करने के लिए 60 हजार रुपए में सामान खरीदने पर सहमति जताई।

इस दौरान सुमीत कुमार ने आर्मी पोस्टल सर्विस डिपार्टमेंट आफ इंडिया के माध्यम से सामान डिलीवर करने संबंधी रसीद की फोटो भी जंघेल के पास भेजी। उसने तत्काल फ्लाइट से जम्मू जाने की बात कहते हुए आधी रकम की पेमेंट फौरन करने का आग्रह किया। इसके बाद फोन करने वाले द्वारा बताए गए अकाउंट नंबर पर जंघेल ने 30 हजार रुपए पेमेंट कर दिया। शेष रकम सामान की डिलीवरी होने पर पेमेंट करना था।

इसी दौरान जंघेल ने निगम के पूर्व कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन को फोन लगाकर इस घटनाक्रम की जानकारी दी। बर्मन ने ऐसे किसी दोस्त के होने से इंकार किया। उन्होंने किसी आर्मी अफसर से दोस्ती होने या किसी को भी जंघेल का नंबर देने से भी साफ इंकार किया। जब जंघेल ने दोबारा उसी तथाकथित आर्मी अफसर को फोन किया तो उसने जोर देकर कहा कि बर्मन उनके दोस्त हैं और वे अभी फोन पर बात करेंगे। इसके कुछ देर बाद जंघेल के पास बर्मन के फेसबुक मेंसेंजर से यह मैसेज आया कि वे फिलहाल मीटिंग में हैं और आर्मी अफसर उनका दोस्त है। आप निश्चिंत होकर सुमीत कुमार से बात कर लो और मैंने ही उन्हें नंबर दिया था। दरअसल बर्मन का फेसबुक अकाउंट भी हैक कर लिया गया था। उसी से यह मैसेज आया था।

जंघेल को शक होने पर उन्होंने कथित आर्मी अफसर को फोन किया तो उसने अनाप शनाप बातें की। अब उसका फोन भी नहीं लग रहा है। जंघेल ने इस पूरे मामले की शिकायत साइबर सेल से कर दी है। जंघेल ने पूरा घटनाक्रम बताते हुए कहा कि उनके पास मोबाइल नंबर  6003804764 से फोन आया था। उन्होंने जनसामान्य से अपील करते हुए कहा है कि इस तरह के फोन कॉल आने पर सतर्क रहें और फ्राड से बचें।

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