• शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में शिक्षकों को किया गया सम्मानित

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल अनुसुईया उइके के मुख्य आतिथ्य में राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों को सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की। समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव द्वारिकाधीश यादव उपस्थित थे।

राज्यपाल ने पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन करते हुए कहा कि शिक्षक दीपक की तरह होते हैं, जो अज्ञान के अंधकार में ज्ञान का प्रकाश लाते हैं। उनका देश और प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान रहता है। शिक्षकों के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अलग-अलग क्षेत्रों में सफलताएं अर्जित कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षकों के अनुशासन की सीख की बदौलत हम आज यहां तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम विद्यालय प्रारंभ करने जैसे कई कार्य हुए हैं। यह सराहनीय पहल है। इस कार्य से विकासखंड स्तर तक ग्रामीणों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की सुविधा मिल रही है। इसके लिए वे  मुख्यमंत्री सहित पूरे शिक्षा विभाग को बधाई देती हूं। राज्यपाल ने कोरोना काल में शिक्षा विभाग द्वारा किए गए कार्यों की भी प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी और कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण महान शिक्षक थे। जब वे राष्ट्रपति बने तो कुछ विद्यार्थियों ने उनका जन्मदिवस मनाने का प्रस्ताव रखा। तब उन्होंने कहा कि मेरे जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान होता है। कोरोना महामारी के समय इसकी महत्ता और भी बढ़ गई। शिक्षा विभाग ने कोरोना महामारी के समय ऑनलाइन शिक्षा पद्धति प्रणाली बुलटू के बोल, मोहल्ला क्लास जैसे माध्यमों से शिक्षा प्रदान की, जिसकी पूरे देश और विदेश में चर्चा हुई।
बघेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में सन् 1998 में पंचायत विभाग द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, उसके बाद से अब तक नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई। हमने उनकी तकलीफ को समझते हुए नियमित रूप से शिक्षकों की भर्ती की और नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ कर दी है। उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय की स्थापना की, जिसमें गरीब और मध्यमवर्ग के पालकगण अपने बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दिला रहे है। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। किसी भी विद्यार्थी का आदर्श उसका शिक्षक होता है। वे जिस प्रकार का आचार-व्यवहार करते है विद्यार्थी उनका अनुसरण करते है। मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में दिवंगत हुए शिक्षकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमारे शिक्षकों ने कोरोना काल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विद्यार्थियों को नए-नए तरीकों से पढ़ाया।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश में शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों को शिक्षा देने के लिए कई नवाचार किए गए, जिसमें पढ़ई तुंहर द्वार, मोहल्ला क्लास आदि शामिल है। प्रशासन के इन प्रयासों की नीति आयोग सहित पूरे देश में सराहना की गई। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में भी इन नवाचारों का उल्लेख किया।
कार्यक्रम में वर्ष 2020 में चयनित 58 शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिसमें 54 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान और 4 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर स्मृति पुरस्कार दिया गया। वर्ष 2021 के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की गई।

शिक्षकों को मिला पुरस्कार 

समारोह में राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित 54 शिक्षिकों में से प्रत्येक शिक्षक को प्रशस्ति पत्र, शाल और 21-21 हजार रुपए की सम्मान निधि प्रदान की गई। प्रदेश की महान विभूतियों की स्मृति में दिए जाने वाले पुरस्कार से सम्मानित होने वाले प्रत्येक शिक्षक को प्रशस्ति पत्र, शाल और 50-50 हजार रुपए की सम्मान निधि देकर सम्मानित किया गया

राज्य स्मृति पुरस्कार

राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश की 4 महान साहित्यिक विभूतियों के नाम पर 4 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा गया। इनमें बलौदाबाजार जिले के विकासखंड भाटापारा की पंचम दीवान शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधान पाठक केशव राम वर्मा को ’’डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार’’ और बलौदाबाजार जिले के विकासखंड सिमगा की शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केसदा के व्याख्याता चोवाराम वर्मा को ’’डॉ. गजानन्द माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार’’, महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा की शासकीय उच्चतर प्राथमिक शाला कसेकेरा के प्रधान पाठक विजय कुमार शर्मा को ’’डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार’’ और गरियाबंद जिले के विकासखंड की शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला उसरीजोर के शिक्षक कमलकिशोर ताम्रकार को ’’डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार’’ प्रदान किया गया।

राज्य शिक्षक पुरस्कार-2020

राज्य शिक्षक पुरस्कार 2020 से सम्मानित होने वाले 54 शिक्षकों में गरियाबंद जिले के सहायक शिक्षक संतोष कुमार साहू और शिक्षक टेकराम साहू, रायपुर जिले के व्याख्याता बिहारी लाल शर्मा और सहायक शिक्षक सुचिता साहू, बलौदाबाजार जिले के शिक्षक शिवकुमार श्रीवास और प्रधान पाठक धनेश कुमार वर्मा, राजनांदगांव जिले के शिक्षक विष्णु प्रसाद शर्मा और प्रधान पाठक शीला सोनी, नारायणपुर जिले के प्रधान अध्यापक महेन्द्र कुमार पुजारी, बेमेतरा जिले की प्रधान पाठक मीनाक्षी शर्मा और व्याख्याता कमल दास मानिकपुरी, महासमुंद जिले के शिक्षक लेखराम साहू और व्याख्याता तुलेन्द्र कुमार सागर, बिलासपुर जिले के प्राचार्य कैरोलाईन सतुर और व्याख्याता डॉ. धनंजय पाण्डे, जशपुर जिले के व्याख्याता महेश कुमार गुप्ता और प्रभारी प्राचार्य इकबाल अहमद खान, मुंगेली जिले की व्याख्याता लीला श्रीवास्तव और राजेन्द्र कुमार क्षत्रीय, दंतेवाड़ा जिले की प्रधान अध्यापक सुमित्रा सोरी और व्याख्याता शैनी रविन्द्र, जांजगीर-चांपा जिले के शिक्षक अभिषेक कालविन और सहायक शिक्षक नरेन्द्र कुमार लहरे शामिल हैं।
इसी प्रकार दुर्ग जिले की प्राचार्य संगीता सिंह बघेल और संजय कुमार टिकरिहा, बलरामपुर जिले के व्याख्याता  रामनारायण तिवारी और व्याख्याता रामेश्वर प्रसाद कुशवाहा, बस्तर जिले की प्राचार्य सुधा परमार और व्याख्याता  करमजीत कौर परमार, शिक्षा जिला सक्ती के शिक्षक फूलसाय सिदार, सूरजपुर जिले के गोवर्धन सिंह और प्रियंका सिंह, कोरबा जिले के व्याख्याता राकेश टंडन और प्रधान पाठक सर्वेश सोनी, कांकेर जिले के व्याख्याता ओम प्रकाश सेन और व्याख्याता वाजिद खान, रायगढ़ जिले के व्याख्याता पवन कुमार नायक और प्रधान पाठक शैलेन्द्र राय, कोण्डागांव जिले के व्याख्याता राम गोपाल ठाकुर और राकेश कुमार विश्वकर्मा, कोरिया जिले की प्रधान पाठक मटिल्डा टोप्पो और प्राचार्य  सुदिप्ता शर्मा, बालोद जिले के प्रधान पाठक दयालुराम पिंकेश्वर और शिक्षक मिथलेश कुमार शर्मा, बीजापुर जिले के प्रधान अध्यापक देवी चन्द शोरी और सहायक शिक्षक सुरेश कुमार राठौर, अंबिकापुर जिले के व्याख्याता ओम प्रकाश साहू और व्याख्याता जनार्दन सिंह, सुकमा जिले की शिक्षक सच्चावती नाग और शिक्षक शेख सकीना, धमतरी जिले के प्रधान पाठक दयाराम साहू और सहायक शिक्षक देवनाथ साहू, कबीरधाम जिले की व्याख्याता सुस्मिता डागसरे और सहायक शिक्षक महेश कुमार सिंह को राज्य शिक्षक पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया।