
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
126 तालाबों वाला धमधा कुछ दशक पहले तक जल संरक्षण के लिए पूरे इलाके के लिये म़ॉडल था। सदियों पहले जलसंकट से जूझते धमधा राज ने सरोवरों की श्रृंखला तैयार कर लोगों के लिए जल संचय की बेहतर व्यवस्था की थी। खेतों के लिए भी पर्याप्त पानी की व्यवस्था भी होती रही। पिछले कुछ दशकों से छह कोरी छह आगर यानी 126 तालाबों वाले धमधा में तालाबों की हालत दिनोंदिन खराब होने लगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जलस्रोतों के संरक्षण की पहल पर जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे के निर्देश पर धमधा में जलस्रोतों की रिचार्जिंग का कार्य शुरू किया गया। एनीकट के पुनरूद्धार और मरम्मत से इन तालाबों को पुनः संजीवनी मिली है। तालाब पुनः लबालब होने लगे हैं। आसपास के इलाके का भूजलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसका लाभ यह हुआ है कि किसानों को बोरवेल से भरपूर पानी मिलने लगा है। खेतों के लिए भी पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है।
धमधा के तालाबों में जलस्तर की कमी को देखते हुए शासन और जिला प्रशासन ने भारती बगीचा एनीकट के पुनरुद्धार का कार्य शुरू किया। शासन द्वारा एक करोड़ की राशि मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृत की गई। जल संसाधन विभाग में 1.6 किलोमीटर लंबाई वाले बगीचा एनीकट का जीर्णोद्धार किया गया। इससे धमधा के प्राकृतिक जल स्रोतों की तस्वीर ही बदल गई। आज धमधा के निस्तारी तालाब पानी से लबालब भरे हैं। वाटर रिचार्जिंग से कुएं और बोरिंग में भी जलस्तर बढ़ा है।
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