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कांग्रेस से आजाद हुए गुलाम नबी आजाद : सोनिया को भेजा इस्तीफा – राहुल को उपाध्यक्ष बनाने के बाद कांग्रेस बर्बाद हुई

द सीजी न्यूज

वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार को कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने पार्टी के सभी पदों और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे गए तीन पन्नों के इस्तीफे में उन्होंने लिखा – दुर्भाग्य से पार्टी में जब राहुल गांधी की एंट्री हुई और जनवरी 2013 में जब आपने उनको पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया, तब उन्होंने पार्टी के सलाहकार तंत्र को पूरी तरह से तबाह कर दिया। राहुल की एंट्री के बाद सभी सीनियर और अनुभवी नेताओं को साइडलाइन कर दिया गया और गैरअनुभवी चापलूसों का नया ग्रुप खड़ा हो गया और यही पार्टी को चलाने लगा।

दरअसल, आजाद कई दिनों से हाईकमान के फैसलों से नाराज थे। इसी महीने 16 अगस्त को कांग्रेस ने आजाद को जम्मू-कश्मीर प्रदेश कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष बनाया था, लेकिन आजाद ने अध्यक्ष बनाए जाने के 2 घंटे बाद ही पद से इस्तीफा दे दिया था। आजाद ने कहा था कि ये मेरा डिमोशन है। 73 साल के आजाद अपनी सियासत के आखिरी पड़ाव पर फिर प्रदेश कांग्रेस की कमान चाहते थे, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने उनकी बजाय 47 साल के विकार रसूल वानी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया। आजाद को यह फैसला पसंद नहीं आया।

राज्यसभा से आजाद की विदाई के वक्त भावुक हो गए थे मोदी  

गुलाम नबी आजाद की राज्यसभा से विदाई के वक्त अपने भाषण में PM मोदी ने उन्हें दोस्त बताया था। आजाद का राज्यसभा का कार्यकाल 15 फरवरी 2021 को पूरा हुआ था। उन्हें उम्मीद थी कि किसी दूसरे राज्य से उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा नहीं भेजा। आजाद का कार्यकाल खत्म होने वाले दिन उन्हें विदाई देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी भावुक हो गए थे। 2021 में मोदी सरकार ने गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण सम्मान दिया था। कांग्रेस के कई नेताओं को यह पंसद नहीं आया। नेताओं का कहना था कि आजाद को यह सम्मान नहीं लेना चाहिए।

जी 23 के प्रमुख नेता थे, समझौता हुआ लेकिन आखिरकार … 
गुलाम नबी आजाद को पिछले तीन साल से कांग्रेस के असंतुष्ट माने जाने वाले जी 23 ग्रुप के नेताओं में प्रमुख नेता माना जाता रहा है। इसी ग्रुप के कपिल सिब्बल ने कुछ महीने पहले समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। अब आजाद ने पार्टी छोड़ दी। सूत्र बता रहे हैं कि जी 23 ग्रुप के कई नेता पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। आजाद को पार्टी के वर्तमान स्वरूप यानी राहुल ब्रांड कांग्रेस पालिटिक्स पसंद नहीं थी। वे कई बड़े बदलावों के पक्षधर रहे। इन बदलावों के लिए राहुल गांधी तैयार नहीं थे। इसी खटपट के कारण आजाद ने आखिरकार पार्टी छोड़ दी।

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