द सीजी न्यूज
मध्यप्रदेश में पोषण आहार योजना में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। कैग ( सीएजी ) की रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश महिला बाल विकास विभाग में करीब 110 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। गड़बड़ी के ये आंकड़े सिर्फ कुछ जिलों में हुई जांच के आधार पर तैयार किये गए हैं। पूरे प्रदेश में लगभग 3 सौ करोड़ का घोटाला होने की संभावना जताई गई है।
पोषण आहार योजना के तहत गरीब बच्चों और महिलाओं को मिलने वाला राशन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार हजारों टन राशन को ट्रकों पर ढोया गया, लेकिन जिन ट्रकों के नंबर दिये गए, वो फर्जी निकले। कई नंबर मोटरसाइकल, कार, ऑटो और टैंकरों के दिये गए हैं। ये सारी जानकारी मध्य प्रदेश की सीएजी रिपोर्ट से सामने आई है। एमपी में महिला बाल विकास विभाग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास है।
कांग्रेस ने की सीएम से इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने करीब 111 करोड़ रुपये का राशन कागजों पर बांट दिया है. कांग्रेस पार्टी ने मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस्तीफे की मांग की है। पूर्व मंत्री और विधायक जीतू पटवारी ने कहा, “एजी की मीडिया में सामने आई गोपनीय रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में करीब 111 करोड़ रुपये का राशन कागजों पर बांट दिया गया. इस घोटाले के तहत राशन वितरण में तब भी फर्जीवाड़ा किया गया, जब प्रदेश में कोविड-19 का भीषण प्रकोप था.”
उन्होंने कथित घोटाले पर राज्य सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि सरकारी राशन के स्टॉक में गड़बड़ी की गई और कुपोषित बच्चों तक पहुंचने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता भी नहीं जांची गई। गड़बड़ियां सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। पटवारी ने दावा किया कि किसी निष्पक्ष एजेंसी द्वारा जांच किए जाने पर कथित राशन घोटाला 250 से 300 करोड़ रुपये का निकल सकता है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में पार्टी राशन घोटाले का मुद्दा उठाएगी।
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