हादसा मंगलवार को सुबह 11:40 बजे हुआ है। मृतकों में पायलट मुंबई के रहने वाले हैं। तीन यात्री गुजरात, एक कर्नाटक और एक यात्री  झारखंड का है। एक अन्य मृतक की जानकारी जुटाई जा रही है। इस हादसे के बाद अगले आदेश तक केदारनाथ में हेली सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। केदारनाथ में अभी भी मौसम खराब है। यहां बर्फबारी हो रही है। मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्‍टर हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।

हादसे में इन लोगों की मौत 

  • कैप्‍टन अनिल सिंह (पायलट), पूर्वा, क्रुति, उर्वी. सुजाथा, प्रेम कुमार, कला

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एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम कर रही रेस्‍क्‍यू

हेलीकॉप्‍टर में पायलट सहित सात लोग सवार थे। हेलीकॉप्टर दुर्घटना केदारनाथ से लगभग 3 किलोमीटर दूरी पर नंदी के पास हुई। हेलीकॉप्टर ने केदारनाथ बेस कैंप से नारायण कोटी-गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरी थी। हेलीकॉप्‍टर आर्यन कंपनी का बताया जा रहा है। रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम लगी है। डीआइजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल बताया कि केदारनाथ से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है। लिंचोली से टीम पहुंच रही है।

2019 में भी केदारनाथ में क्रैश हुआ था हेलीकॉप्‍टर

वर्ष 2019 में भी केदारनाथ में हेलीकॉप्‍टर क्रैश हुआ था। केदारनाथ से यात्रियों को लेकर फाटा के लिए उड़ान भरते समय हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने से पायलट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी और इस दौरान हेलीकॉप्‍टर क्रैश हो गया था। उस समय हेलीकॉप्टर के पायलट समेत छह यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।jagran

2013 में आपदा राहत बचाव के दौरान तीन हेलीकॉप्टर हुए थे क्रैश

साल 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान भी रेस्क्यू करते हुए वायु सेना के एमआइ-17 हेलीकॉप्टर समेत तीन हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुुए थे। इन दुर्घटनाओं में 23 लोगों को जान गंवानी पड़ी थी।