
पिता अगर पुत्र को चुनावी विजय की बधाई देते हुए तिलक लगाकर स्वागत करे … तो ,,, इससे ज्यादा खूबसूरत तस्वीर हो ही नहीं सकती। विधायक अरुण वोरा अपने पिता मोतीलाल वोरा से मिले आशीर्वाद की इस तस्वीर को हमेशा अनमोल उपहार की तरह संजोकर रखते हैं।
द सीजी न्यूज
आज एक सच्चे जनसेवक का जन्मदिन है। ऐसे जनप्रतिनिधि का जन्मदिन … जिसकी पहचान कर्मयोगी, एक सच्चे जनसेवक के रूप में बन चुकी है। जनसरोकारों के प्रति वोरा में इतनी सजगता और जिम्मेदारी का बोध है कि उन्हें देश का सबसे सक्रिय विधायक कहा जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाऊसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन और दुर्ग के वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अरुण वोरा अपने पिता मोतीलाल वोरा की तरह सादगी से सेवा को अपने जीवन का सूत्रवाक्य मानते हैं। सादगी से जन्मदिन मनाना चाहते हैं, लेकिन उनके समर्थकों और नागरिकों के इरादे कुछ और ही हैं। आज उनके जन्मदिन पर जोरशोर से जोशीले अंदाज में जश्न मनाने की तैयारी की जा रही है।
दरअसल, उनके समर्थकों, नागरिकों के इस भाव के पीछे वाजिब कारण भी हैं। जनसेवक के रूप में पहचान बना चुके अरुण वोरा ने हमेशा दुर्ग की जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। जब वे विधायक नहीं थे, तब भी दुर्ग की जनता के हितों के लिए लगातार सक्रिय रहकर आवाज उठाते रहे। विधायक बनने के बाद सुबह से शाम तक लगातार जनता को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वे राज्य के मुखिया भूपेश बघेल से मिलकर भी अनुरोध करते हैं। मंत्रियो से भी लगातार मुलाकात कर दुर्ग के लिए बनी योजनाओं को जल्द स्वीकृति देने का आग्रह करते हैं। अफसरों से जनता की बेहतरी के लिए ज्यादा से ज्यादा बेहतर योजनाएं बनाने के लिए लगातार कहते हैं।
कुल जमा निचोड़ ये है कि अरुण वोरा नाम के इस शख्स के दिलोदिमाग में हर समय दुर्ग शहर के लोगों के हितों को साधने की चिंता रहती है। यहां के नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं कैसे उपलब्ध कराएं ? इसके लिए वे बिना थके लगातार मशक्कत करते रहते हैं। दिन में कई-कई बार कलेक्टर, कमिश्नर से लेकर निचले स्तर के अधिकारियों को फोन पर शहर विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने का आग्रह करने वाले वोरा की सक्रियता का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे सिर्फ बड़ी योजनाओं पर जोर नहीं देते, बल्कि सड़क-गली- कूचे में गड्ढे भरने से लेकर वार्डों की सफाई जैसे छोटे-छोटे मुद्दों पर भी सजग प्रहरी की तरह पैनी नजर रखते हैं। हर जनशिकायत का निराकरण करने की जद्दोजहद करते हैं।
बड़ी बात ये है कि वोरा रुकते नहीं हैं… वोरा थकते भी नहीं हैं … वोरा के कदम थमते भी नहीं हैं। शिवनाथ में बाढ़ आ जाए तो एक होटल के बरामदे में रात गुजारने वाले लोगों का हाल पूछने घुटनों तक पानी में चलकर उनके करीब जाते हैं। रोकने पर रुकते नहीं। बाढ़ से परेशानहाल लोगों के लिए प्रशासन से मिलने वाले भोजन के पैकेट जब समय पर नहीं आते तो … खुद भोजन की व्यवस्था में जुट जाते हैं।
कोरोना काल के महासंकट के दौर में भी वोरा के कदम नहीं थमे। उस दौर में सभी जनप्रतिनिधियों ने लोगों से मिलना बंद कर दिया था, तब वोरा अपने निवास पर भी लोगों की परेशानी सुनते और निराकरण करते। शहर का जायजा लेने अकेले निकल पड़ते … फिक्र एक ही रहती … कोरोना संकटकाल में कोई भूखा तो नहीं है … कोई परेशान तो नहीं है … मेडिकल आफिसर्स, वरिष्ठ अफसरों की घर से बाहर न निकलने की समझाईश के बावजूद … संक्रमण फैलने के खतरे के बावजूद … परिवारजनों के बार-बार आग्रह के बाद भी … कोरोना संकटकाल के दौरान वोरा रोज लोगों से मिलते रहे … हर दिन लोगों की समस्या सुनना, शहर में सेनिटाइजेशन अभियान से लेकर जरूरतमंद लोगों को राहत देने भोजन का इंतजाम करना, अस्पतालों में कोरोना संक्रमित लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा देने रोज कई-कई घंटो तक फोन पर डाक्टरों, अफसरों समेत पूरे सिस्टम से जूझना वोरा की रूटीन का हिस्सा रहा। वे खुद भी कोरोना संक्रमित हो गए, लेकिन जनसेवा का भाव नहीं छोड़ा …। आम जनता को संक्रमण से बचाने लगातार फिक्रमंद रहकर हेल्थ सिस्टम को लगातार सुधारने की कोशिशें करते रहे वोरा।
वोरा एक ऐसे जनसेवक हैं … जिनके लिए आम जनता का सुख-दुख सबसे ज्यादा मायने रखता है। एक ऐसी शख्सियत … जिनकी एकमात्र ललक दुर्ग शहर को समग्र विकास के पथ पर बढ़ते देखना है। वोरा एक ऐसे विधायक हैं … जो अपने शहर को चमकते-दमकते देखना चाहते हैं। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की इच्छाशक्ति रखते हैं। एक ऐसे जनप्रतिनिधि हैं … जो दुर्ग शहर और शहरवासियों के विकास के लिए हमेशा चिंतन-मनन करने के साथ केंद्र व राज्य स्तर पर लगातार पहल करते रहते हैं। विधायक अरूण वोरा की इसी कार्यशैली के कारण आम जनता ने भी उनके साथ अपनेपन का, आत्मीयता भरा रिश्ता जोड़ लिया है।
वोरा चाहे दिल्ली में रहें, या रायपुर में या कहीं और … हर जगह दुर्ग शहर और शहरवासियों की फिक्र करने वाले वोरा ऐसे ही जनता की सेवा करते रहें … आज उनके जन्मदिन पर यही कामना है कि जनसेवा का उनका मिशन लगातार जारी रहे … वे यशस्वी हों … चिरायु हों … शहरवासियों की उम्मीदों के अनुरूप विकास के जीते-जागते प्रतीक बनते रहें …
स्नेह भरी शुभकामनाएं …
दुर्ग की जनता के लिए लगातार आवाज उठाने के भाव को प्रणाम …आपके जनसेवा के जज्बे को सलाम …
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