- चाइल्ड विथ स्पेशल नीड (मानसिक या शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चे) के अध्ययन के लिए जल्द बनेंगे आवासीय स्कूल
द सीजी न्यूज
दुर्ग / समय सीमा की बैठक में कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने चाइल्ड विथ स्पेशल नीड (मानसिक या शारिरीक रूप से दिव्यांग बच्चे) के अध्ययन हेतु शीघ्र आवासीय स्कूल बनाया जाएगा। इसके लिए देश के सबसे बेस्ट ऑर्गनाइजेशन से सम्पर्क कर योजना तैयार की जाएगी। जिले में निराश्रित वृद्धों के लिए रिनोवेशन सेंटर, विक्षिप्तों और भिक्षावृत्ति में संलिप्त लोगों के पुनर्वास हेतु आवासीय हॉस्टल व सीडब्ल्यूएसएन (चाइल्ड विथ स्पेशल नीड्स) अंतर्गत बच्चों को शिक्षा सुविधा मुहैया कराने आवासीय स्कूल बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। कलेक्टर ने विभागों को योजनाबद्ध तरीके से इस पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि नेत्रहीन बच्चों को शिक्षण हेतु जरूरी तकनीकी सुविधाएं व विकलांग बच्चों के लिए फिजियोथैरेपी सेंटर बनाए जाने हैं। इसके लिए बेस्ट आर्गनाइजेशन और विशेषज्ञों से सलाह लेकर प्रपोजल बनाया जाए। उन्होंने इस योजना की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सहायक कलेक्टर आईएएस लक्ष्मण तिवारी को सौंपी। इस योजना की सफलता के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं समाज कल्याण विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
गोबर खरीदी, चारागाह में उत्पादन में सुधार न होने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों को नोटिस जारी : पिछली समय सीमा बैठक में कलेक्टर ने गौठानों में गोबर खरीदी, कम्पोस्ट कन्वजेंस व चारागाह में उत्पादन बढ़ाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिये थे, इसके बावजूद अब तक कोई सुधार न होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने पिछले तीन माह में शुन्य गोबर खरीदी वाले गौठानों के नोडल अधिकारियों को सस्पेंड करने, दुर्ग और धमधा में गोबर से खाद कन्वर्जेन्स लक्ष्य से कम होने पर उन्हें नोटिस जारी करने और उचित उत्तर नहीं मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा सीएमओ कुम्हारी को चारागाह में उत्पादन बढ़ाने के क्षेत्र में ख़राब प्रदर्शन पर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया।
पशु पालकों के शत-प्रतिशत ई-केवाईसी और शत-प्रतिशत वैक्सिनेशन हेतु युद्ध स्तर पर करना होगा काम
कलेक्टर ने पशु चिकित्सा विभाग को जिले में पशु पालकों के ई-केवाईसी और पशुओं के वैक्सिनेशन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। देश में फैल रहे लंपी वायरस खतरे को देखते हुए कलेक्टर ने पीड़ित गायों को क्वारंटाइन करने के निर्देश दिए। आसपास के पशुओं की भी जांच करने के निर्देश दिए। अब तक जिले में लंपी वायरस की 18 शिकायतें आई हैं। जांच के बाद 12 गायें पॉजिटिव पाई गई। इसके आलावा अब तक लगभग 1 लाख पशुओं का लंपी वैक्सिनेशन हो चुका है।
जिले के गौठानों में गौ-पालन हेतु जल्द की जाए गायों की व्यवस्था
कलेक्टर ने पिछली समय सीमा बैठक में जिले में संचालित हर ग्रामीण गौठान में 10 उन्नत नस्ल की गाय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। परिवहन की उचित व्यवस्था न होने के कारण अब तक कुछ ही गौठानों में यह व्यवस्था हो पाई है। उन्होंने जिला पंचायत सीइओ से इस मामले की मॉनिटरिंग कर ट्रांसपोर्ट की दिक्कत को सुलझाने और जल्द से जल्द जिले के सभी गौठानों में कम से कम 10 उन्नत नस्ल की गायें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में जल्द ही डेयरी यूनिट की शुरूआत भी की जाएगी।
कलेक्टर ने पैरादान में तेजी लाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने और प्राप्त पैरे के ट्रांसपोर्टेशन से लेकर संकलन तक निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। श्रम विभाग में असंगठित कर्मकारों के पंजीयन हेतु मितान योजना के वालिंटियर्स, एमएमयू के साथ समन्वय कर ज्यादा से ज्यादा पंजीयन कराने के निर्देश दिये। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में शिविर लगाकर असंगठित कर्मकारों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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