द सीजी न्यूज
विवादों से घिरे बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि सिद्धियों से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन चमत्कार नहीं दिखाना चाहिए, ये जादूगरों का काम है, ये उचित नहीं है। इससे पहले आज सुबह शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने चुनौती देते हुए कहा – जोशीमठ की दरारें रोक कर दिखाएं, तब हम उनके चमत्कार को मान जाएंगे।
क्या कहा भूपेश बघेल ने
पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के चमत्कार दिखाने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि लोगों को सिद्धियां मिलती है। रामकृष्ण परमहंस और भगवान बुद्ध इसके उदाहरण हैं। सिद्धियों से इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन चमत्कार नहीं दिखाना चाहिए, ये जादूगरों का काम है। ये उचित नहीं है। सिद्धियों का प्रयोग चमत्कार दिखाने में नहीं करना चाहिए, ऋषि-मुनियों ने भी कहा है। चंगाई सभा में भी यहीं चमत्कार है। इससे जड़ता आती है। धर्म बचाने का ठेका लेने वाले धोखे में है।
शंकराचार्य ने इसतरह दी चुनौती
बिलासपुर में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को लेकर स्वामी जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि वे जोशी मठ आकर धसकती हुई जमीन को रोककर दिखाएं, तब हम उनके चमत्कार को मान जाएंगे। वो जोशीमठ को जोड़ दें, हम फूल बिछा कर उनको ले आएंगे और फिर झुक कर के पलकों पर बिछा करके उनको वापस करेंगे।
शंकराचार्य ने कहा कि जोशीमठ में जो दरारे आ रही हैं, इसमें कोई शंका का स्थान नहीं है। यह मानव कृत है प्राकृतिक कुछ नहीं है, और दैविक कुछ नहीं है। विशेषज्ञ ही इस बारे में अंतिम रूप से कह सकते हैं। पूरे जोशीमठ का अनुभव है कि नीचे से दो कंपनियों की बड़ी टनल निकाली जा रही हैं, उन्हीं के साथ ऑल वेदर रोड के नाम पर सड़क पर ब्लास्ट हो रहे हैं। सड़क बनाने के लिए बहुत सारे अंधाधुंध ब्लास्ट हो रहे हैं, तो उनके कारण से यह समस्या आ रही है।
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