द सीजी न्यूज
दुर्ग / मुख्यमंत्री भूपेश बधेल आज जिला मुख्यालय दुर्ग में केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के तत्वाधान में आयोजित रानी दुर्गावती बलिदान दिवस समारोह में शामिल हुए। उन्होंने रानी दुर्गावती के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जो समाज अपने अतीत की जानकारी नहीं रखता, वह विकास से दूर हो जाता है। रानी दुर्गावती ने समाज कल्याण के लिए प्राणों का त्याग किया और इतिहास में अमर हो गई।
उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने का काम कर रही है। समाज के रीति नीति, देवी-देवताओं के मठ को संरक्षित कर विकसित किया जा रहा है। आदिवासी पुजारियों के किये मानदेय राशि की व्यवस्था की गई है। आदिवासी नृत्य महोत्सव से समाज को देश दुनिया मे पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति को बचाने सरकार काम रही है। आर्थिक विकास के लिए वनोपजों के वाजिब दाम की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा पर जोर देते हुए सरकार द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में शासकीय आत्मानंद स्कूल की व्यवस्था की गई है। नक्सली क्षेत्रों में बंद पड़े 300 स्कूल खोले गए है। बस्तर में मलेरिया मुक्त अभियान के अच्छे परिणाम मिले है। सरकार समाज के सभी वर्ग के विकास के साथ समता मूलक समाज की स्थापना कर रही है। सभी समाज के लिये जमीन व राशि की व्यवस्था की जा रही है। जमीन की मालिकाना हक के लिए समाज को 10 प्रतिशत राशि शासन को देनी होगी। जिस समाज के पास जमीन है, उसको सरकार भवन आदि बनाने के लिए राशि प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने गोण्डवाना भवन दुर्ग में डोम बनाने के लिए 50 लाख रुपए की राशि की घोषणा की।
केंद्रीय गोड़ महासभा धमधागढ़ के अध्यक्ष एम डी ठाकुर ने स्वागत भाषण में गोंडवाना के इतिहास पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने समाज के विभिन्न मांगों की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। समारोह को विधायक अरुण वोरा ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी निलकंठ गढ़े, सीताराम ठाकुर, राजेश ठाकुर, विष्णु देव ठाकुर सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh Online hindi news portal




