द सीजी न्यूज

ईडी ने अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा के पूरे परिवार को बुलाया है। रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित ईडी दफ्तर में विनोद वर्मा और उसके परिजन पहुंच चुके हैं। विनोद के दोनों बेटों पुनर्वसु, तथागत और बहनोई तुकेंद्र वर्मा को ईडी में पूछताछ के लिए बुलाया है। गुरुवार को विनोद वर्मा की पत्नी जया वर्मा को भी ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है। इन सब लोगों को खुद विनोद वर्मा ही ईडी दफ्तर छोड़कर आए है। विनोद वर्मा ने ट्वीट कर यह जानकारी दी।
वर्मा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर एजेंसियां चाहे जो कर लें, वे सीएम भूपेश बघेल और उनकी टीम के हौसले नहीं तोड़ सकती। फेसबुक पर एक पोस्ट में विनोद ने कहा कि – ईडी ने अब मेरे परिवार को बुला लिया है। मैं दोनों बेटों पुनर्वसु, तथागत और बहनोई तुकेंद्र वर्मा को ईडी के दफ़्तर छोड़ आया हूं। कल मेरी पत्नी जया को बुलाया गया है। केंद्र सरकार के इशारे पर एजेंसियां चाहे जो कर लें वे भूपेश बघेल और उनकी टीम के हौसले नहीं तोड़ सकतीं। चुनाव जांच एजेंसियों के भरोसे नहीं जीते जा सकते।
ईडी दफ्तर के बाहर पत्रकारों से चर्चा करते हुए विनोद वर्मा ने कहा – जांच में सहयोग कर रहा हूं, जांच फेयर होना चाहिए है। किसलिए जांच हो रही है, यह ईडी बताती नहीं है। कोई सबूत ढूंढ रहे है तो ढूंढ लें। उनको लगता हैं मैंने कोई सबूत बच्चों के सहारे छुपा लिया है तो वो भी जांच कर लें। पूरे परिवार की जांच कर लें मुझे कोई ऐतराज नहीं है।
ईडी ने विनोद वर्मा का चंद्र भूषण वर्मा के साथ कनेक्शन बताया है
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्मदिन के दिन 23 अगस्त को ईडी ने विनोद वर्मा के घर छापा मारा था। ऑनलाइन सट्टेबाजी महादेव एप मामले में 4 लोगों को ईडी ने गिरफ्तार किया। इसमें एक एएसआई चंद्रभूषण वर्मा भी गिरफ्तार किये गए हैं। ईडी ने दावा किया है कि उसके संबंध मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा से हैं।
इधर, ईडी के आरोपों को विनोद वर्मा ने खारिज कर दिया है। विनोद वर्मा ने 24 अगस्त को प्रेस कांफ्रेंस कर ईडी पर लूट डकैती का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि ईडी वालों ने मेरे घर से 2 लाख 55 हजार 300 रुपए नगद लेकर गए। घर का कोना-कोना छान मारा। मेरे बेटे की शादी में जो लिफाफा मिला था, उन लिफाफों को खोलकर सारे पैसे ले गए, लेकिन हिसाब नहीं बनाया। मेरे बेटे ने इन लिफाफों का पूरा सबूत ईमेल पर रखा हुआ था। किस लिफाफे में कितना पैसा मिला और किसने दिया है। हर उस चीज का सबूत दिया जो उनको चाहिए था। सवाल ये है की इसे अब रहजनी और डकैती के अलावा क्या कहा जाए ?
महादेव एप मामले में 4 आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेजा
ईडी ने एएसआई चंद्र भूषण वर्मा के साथ सतीश चंद्राकर, कारोबारी अनिल और सुनील दम्मानी को रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने चारों को न्यायिक रिमांड में 10 दिन के लिए जेल भेज दिया। अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। महादेव एप के संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। दोनों आरोपी विदेश में है।