- ललित चंद्राकर के तरकश में कई तीर – विरोधी खेमे को घायल करेंगे
- करप्शन, कमीशनखोरी और भीषण भ्रष्टाचार का बड़ा खेल देखने वाले मतदाता मांग सकते हैं सीधा जवाब
द सीजी न्यूज
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से ललित चंद्राकर को भाजपा प्रत्याशी बनाया जाना लगभग तय हो चुका है। ललित की टिकट पक्की होने की खबर से कांग्रेस में हलचल बढ़ गई है। दरअसल, ललित पिछले 20 साल से टिकट की मांग कर रहे हैं। परिसीमन से पहले खेरथा (अब दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र) में ललित न सिर्फ सक्रिय रहे हैं बल्कि समूचे विधानसभा क्षेत्र के गांवों में उनकी काफी तगड़ी पैठ है। लिहाजा माना जा रहा है कि कांग्रेस प्रत्याशी ताम्रध्वज साहू की राह आसान नहीं होगी।
मगर, कांग्रेस के अंदरखाने से अलग ही खबर आ रही है। ललित की दावेदारी की खबरें पुख्ता होने के बाद अब दुर्ग ग्रामीण के बाबूजी के क्षेत्र बदलने की खबरें भी उड़ रही हैं। ललित से कड़ी टक्कर मिलेगी, यह तय है। ललित चंद्राकर ने पिछले ढाई दशकों से इस क्षेत्र में सक्रिय रहकर लगातार जनसंपर्क किया है। भाजपा से टिकट चाहे किसी को भी मिली हो लेकिन ललित ने पार्टी हित के साथ मतदाताओं से जीवंत संपर्क बनाए रखने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी।
गांव गांव में खेल प्रतियोगिताएं, रामायण, जसगान जैसे कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय भागीदारी और जीवंत जनसंपर्क ललित चंद्राकर की ऐसी ताकत है जिसे चुनौती दे पाना बाबूजी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। लिहाजा, दबी जुबान में कांग्रेसी खेमे से आवाज उठने लगी है – बाबूजी को बेमेतरा लौट जाना चाहिए।
हालांकि, कांग्रेसी यह दावा भी कर रहे हैं कि बाबूजी ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास कराया हैं। फिर किसानों का वोट भी कांग्रेस को ही मिलना तय है। इन दावों और अफवाहों से इतर पिछले चुनाव में बाबूजी की चुनावी कमान संभालने वाले एक प्रमुख कांग्रेस नेता कहते हैं – दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सत्ता पक्ष की कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और लूटखसोट का भयंकर खेल देखा है। कांग्रेस को इसका बड़ा नुकसान होना तय है। सीएम भूपेश बघेल के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के बावजूद इस क्षेत्र के मतदाता इसी खेल के कारण बदलाव के मूड में हैं।
बाबूजी वापस बेमेतरा लौटेंगे या करप्शन और कमीशनखोरी को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब देंगे ? यह अभी देखा जाना बाकी है। दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों से पिछले 25 वर्षों के संबंधों और आत्मीय रिश्तों को अपनी ताकत मानने वाले ललित चंद्राकर के समर्थक एक भाजपा नेता का कहना है – चुनावी जंग में ललित के पास कई ऐसे तीर हैं जो कमान से छूटते ही विरोधी खेमे में तबाही मचाएंगे। टिकट की घोषणा के बाद दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र का रंग तेजी से बदलेगा, यह तय है। शायद बाबूजी के खेमे में बढ़ी हलचल की वजह भी यही है ….
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