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जिले में हरियाली बढ़ाने और जल संरक्षण व जल संवर्धन के उपाय करने युद्धस्तर पर चलाएं अभियान : कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को दिये निर्देश

द सीजी न्यूज

दुर्ग/ कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागृह में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से किसान वृक्ष मित्र योजना की जानकारी लेकर विस्तार से चर्चा की। किसान वृक्ष मित्र योजना का उद्देश्य कृषकों एवं अन्य हितग्राहियों के निजी भूमि पर वाणिज्यिक प्रजातियों के वृक्षों का रोपण कर सहयोगी संस्था व निजी कंपनियों के माध्यम से उत्पाद की वापस खरीदी कर उनके आय में बढ़ोतरी करना है। सभी वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्ध शासकीय व शासन की स्वायत्त संस्थाएं जो अपनी स्वयं की भूमि पर रोपण करना चाहते है, इनके अलावा निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, गैर शासकीय संस्थाएं, पंचायते, भूमि अनुबंध धारक इस योजना के लिए पात्र होंगे।

योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को अधिकतम 5 एकड़ तक भूमि पर 5 हजार पौधे निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे और उनके रखरखाव हेतु जीवित प्रतिशत पौधों के आधार पर निर्धारित दर पर वित्तीय अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार 5 एकड़ से अधिक भूमि होने पर प्रति एकड़ 1 हजार पौधे निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे और जीवित प्रतिशत पौधों के आधार पर 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान दिया जाएगा। योजना में क्लोनल नीलगिरी, रूटशूट सागौन, टिश्यू कल्चर सागौन, चंदन, मिलिया डुबिया, सामान्य बांस, टिश्यू कल्चर बांस प्रजातियों के पौधे निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे।

वृक्ष परिपक्व होने के बाद शासन द्वारा सहयोगी संस्था/निजी कंपनियों के माध्यम से निर्धारित समर्थन मूल्य पर वापस खरीदी का प्रावधान होगा। रोपण के बाद आगामी 2 वर्षों में जीवित पौधों की संख्या के आधार पर रखरखाव हेतु प्रति पौधा वित्तीय अनुदान दिया जाएगा। जिसके अनुसार टिश्यु कल्चर बांस, टिश्यु कल्चर सागौन व मिलिया डुबिया प्रजाति के पौधों के लिए प्रथम वर्ष 10.50 रुपए, द्वितीय व तृतीय वर्ष 6.50-6.50 रुपए प्रति पौधा की दर से दिए जाएंगे। क्लोनल नीलगिरी व अन्य आर्थिक लाभकारी पौधों की प्रजातियों के लिए प्रथम वर्ष 10 रुपए, द्वितीय व तृतीय वर्ष 6.50-6.50 रुपए प्रति पौधा की दर से दिए जाएंगे।

कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन हेतु योजनाबद्ध तरीके से युद्धस्तर पर वृक्षारोपण करने और अधिक से अधिक कृषक लाभार्थियों को योजना में सम्मिलित करने हेतु बल देकर कार्य करने कहा। गर्मी में बढ़ते तापमान को देखते हुए सड़क के किनारे छायादार वृक्ष व बीच की कैरिज पर झाड़ियों वाले पौधरोपण करना सुनिश्चित करने कहा। इसके अलावा उन्होंने खाली प्लॉट्स व तालाबों के किनारे जामुन, बादाम, आम और अमरूद जैसे फलदार व भरपूर ऑक्सीजन मुक्त करने वाले पौधे लगाने के निर्देश दिए। तालाबों का सौंदर्यीकरण करने भी कहा गया।

कलेक्टर ने पौधरोपण के साथ-साथ जल संरक्षण व संवर्धन हेतु भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सोकपिट बनाने और वर्षा जल के संग्रहण हेतु आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा। तालाबों में वर्षा जल के संग्रहण हेतु सीमेंटीकरण के दौरान किनारों पर पेवर ब्लॉक अथवा पोरस पत्थर लगाने के निर्देश दिये। ताकि, अधिक से अधिक वर्षा जल संरक्षित किया जा सके। बैठक में डीएफओ चंद्रशेखर परदेशी, सीईओ जिला पंचायत अश्विनी देवांगन, आयुक्त नगर निगम के साथ अन्य विभाग के अधिकारीगण व चेम्बर ऑफ कामर्स के सदस्यगण मौजूद थे।

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