Breaking News

एसएमएस-2 में अग्नि दुर्घटना से सेल प्रबंधन कटघरे में : शर्मा ने अग्नि दुर्घटना की जांच कराने की मांग की

  • अग्नि दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कराएं  

द सीजी न्यूज

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप-2 के तीनों कन्वर्टर में लगी आग की घटना की जांच कराने की मांग उठने लगी है। समाजवादी जनता पार्टी (चंद्रशेखर) के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा है कि इस दुर्घटना से सेल प्रबंधन कटघरे में है। पूर्व में भी इसी तरह की घटनाओं की निर्णायक जांच आज तक नहीं हुई। किसी तरह के नतीजे या सिफारिशों पर अमल भी नहीं किया गया है।

शर्मा ने सवाल किया कि अग्नि दुर्घटना में करोड़ों के नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा? अग्नि दुर्घटना से ब्लास्ट फर्नेस से आने वाले हॉट मेटल और उससे बनने वाले ब्लूम और स्लैब निर्माण की प्रक्रिया बाधित हुई है। एकीकृत संयंत्र होने की वजह से उत्पादन प्रभावित हुआ है। हादसे के बाद से रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल को ब्लूम की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

उन्होंने कहा कि कन्वर्टर-2 को अक्टूबर 2025 में 55 दिनों के लिए कैपिटल रिपेयर में लिया गया था। दिसम्बर 2025 में कन्वर्टर-2 को चालू किया गया उसके बाद फिर दोबारा रिपेयर किया गया। रिपेयर के बाद कन्वर्टर-2 में बीच-बीच में हॉट मेटल आपूर्ति बाधित हो रही रही थी। संयंत्र में कन्वर्टर-2 को कैपिटल रिपेयर का कार्य मेकॉन कम्पनी को दिया था। इतनी बड़ी क्षति के लिये मेकॉन कम्पनी जिम्मेदार है। कंपनी में कैपिटल रिपेयर करने की क्षमता नहीं थी। मेकॉन ने सिर्फ टेंडर हासिल किया है। कंपनी ने किसी ठेकेदार को पेटी कांट्रेक्ट में दे दिया। मेकान कंपनी का पेटी ठेकेदार से काम कराना जांच का विषय है।

बीएसपी में नए कर्मियों की भर्ती लगभग बंद हैं। यहां कार्यरत कर्मियों में औसतन ज्यादातर 55 से अधिक आयु वर्ग के हैं। नए और दक्ष कर्मियों की कमी भी घटना का बड़ा कारण माना जा रहा है। एसएमएस-2 हादसे के बाद बीएसपी में गैस पाइपलाइन में क्षति पहुंचने पर भोपाल गैस कांड जैसे हालात का सामना भिलाईवासियों को झेलना पड़ सकता है।

शर्मा ने मांग करते हुए कहा कि मेंटेनेंस के सभी कार्य अनुभवी कंपनी को दिए जाएं। सिर्फ  आउटसोर्सिंग के चक्कर में किसी भी अनुभवहीन कंपनी को संवेदनशील काम न दिया जाए। हादसे के बाद संयंत्र के सीजीएम मेंटेनेंस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़ा होता है। उन्होंने इस्पात मंत्री और इस्पात मंत्रालय को इतने बड़े हादसे पर यथाशीघ्र संज्ञान लेकर प्लांट के रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने की मांग की है। प्लांट की निगरानी करने समिति गठित करने की मांग की गई है ताकि इस प्रकार की घटनाएं ना हो।

Check Also

15 रिटायर्ड कर्मचारियों ने फर्जी मृत्यु दावा कर निकाल लिये पेंशन के 1 करोड़ 19 लाख

द सीजी न्यूज पाटन। जिले के 15 रिटायर्ड कर्मचारियों ने खुद को मृत बताकर डेथ …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *