
THE CG NEWS
रायपुर। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते क्षेत्र के अधिकांश नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब ने छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग और उससे लगे जिलों में कई मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं और कई जिलों का दूसरे जिले से पूरी तरह संपर्क टूट गया है।
धमतरी जिले के प्रसिद्ध गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए बालोद जिले में 25 सितंबर को सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किये गए थे। राज्य प्रशासन ने नदी तटों और निचले इलाकों में अलर्ट घोषित कर दिया है।
धमतरी जिले में लगातार हो रही वर्षा से जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगरेल बांध 98 प्रतिशत से अधिक भर जाने के बाद बांध के सभी गेट खोले गए हैं। रुद्री बैराज के माध्यम से करीब 50,000 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। मुरुमसिल्ली बांध 100 प्रतिशत भर चुका है, जबकि दुधावा और सोंढुर बांधों में जलभराव 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है।
धमतरी जिला मुख्यालय के समीप बहने वाली हटकुल नदी में उफान आने से आसपास के अनेक गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। ओडिशा स्थित खाटीगुडा बांध के गेट खोले जाने के बाद वहां से करीब पांच लाख घन मीटर पानी छोड़ा गया है। इसके कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और तटीय इलाकों में प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ा दी गई है।
जगदलपुर में पिछले तीन दिनो से जारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है और निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। भारी बारिश से जगदलपुर को बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा से जोड़ने वाले मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया है। डिमरापाल के पास नेशनल हाईवे पर पानी भरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है, जहां आपदा राहत के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है।
कांकेर जिले में दूध नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण आमाबेड़ा-धनोरा मार्ग और कांकेर-आमाबेड़ा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर लोगों को उफनते नालों को पार न करने की कड़ी चेतावनी दी है। दूध नदी के उफान के चलते आमाबेड़ा क्षेत्र के 70 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।