
द सीजी न्यूज डॉट कॉम
दुर्ग नगर निगम के वरिष्ठतम कांग्रेस पार्षद मदन जैन ने शहर का अपेक्षित विकास न होने पर सारा ठीकरा महापौर धीरज बाकलीवाल पर फोड़ा है। मदन जैन ने कहा कि महापौर धीरज बाकलीवाल के पास शहर विकास का विजन नहीं है। उनकी अनुभवहीनता और प्रशासनिक अक्षमता के कारण उम्मीदों के अनुरूप शहर का विकास नहीं हो रहा है। महापौर धीरज बाकलीवाल का कार्यकाल सौ में से एक नंबर देने के लायक भी नहीं है।
मदन जैन ने कहा कि दुर्ग नगर निगम का गठन होने के बाद पूर्व महापौर शंकर लाल ताम्रकार का दो साल का कार्यकाल सबसे उत्कृष्ट रहा। वहीं महापौर पूर्व महापौर डॉ शिव तमेर और वर्तमान महापौर धीरज बाकलीवाल का कार्यकाल सबसे निकृष्ट कार्यकाल है। मदन जैन ने दावा किया कि 90 फीसदी पार्षद महापौर के कामकाज के तरीके से नाखुश हैं। महापौर के पास शहर विकास का जज्बा ही नहीं है। नगर निगम की मौजूदा परिषद में सिर्फ वसूली के जज्बे की चर्चा हो रही है।
मदन जैन ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग में पूरे देश में दुर्ग नगर निगम को 17 वें नंबर पर आना महापौर की उपलब्धि नहीं है। सच ये है कि पूर्व निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन ने जिस तरह शंकर नाले की सफाई कराई और पूरे शहर को स्वच्छ बनाने का अभियान चलाया, उसी वजह से निगम की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों में भरपूर विकास कार्य हो रहे हैं। महापौर के अनुभवहीन होने के कारण ही शासन से नगर निगम को राशि नहीं मिल पा रही है। इसका खामियाजा दुर्ग की जनता भुगत रही है। हालत इतने बदतर हैं कि नगर निगम के पास वेतन देने लायक भी पैसा नहीं है। पर्याप्त टैक्स वसूली में नाकामी के साथ ही दो बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दुकानों को बेच पाने में विफलता के कारण ऐसी स्थिति बनी है।
मदन जैन ने कहा कि वे कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं और हमेशा रहेंगे। उनका विरोध महापौर धीरज बाकलीवाल की कार्यशैली को लेकर है। उन्होंने आगे कहा कि नगर निगम में बाहरी हस्तक्षेप और निगम एक्ट की धज्जियां उड़ाने का विरोध कर रहे हैं। इन्हीं कारणों से नगर निगम की बदनामी हो रही है। नगर निगम में विकास न होने और भ्रष्टाचार के विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि विपक्ष के आरोप सही हैं, लेकिन विपक्ष को और जागरूक होना चाहिए।
मदन जैन ने कहा कि यह दुर्ग जिले का सौभाग्य है कि मुख्यमंत्री सहित कई मंत्री दुर्ग जिले से हैं, इसके बावजूद जिला मुख्यालय में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि ठगड़ा बांध का नाम यथावत रखने और यहां विकसित किये जा रहे पर्यटन केंद्र का नाम मोतीलाल वोरा के नाम पर रखने का प्रस्ताव पारित होने के बावजूद फैसला पलट दिया गया। लोक कला मार्ग, फिल्टर प्लांट का नामकरण सहित कई मामले हैं जिसे सामान्य सभा में पारित किया जाना चाहिए था, लेकिन मनमानी तरीके से सामान्य सभा के बाहर सारे फैसले कर लिये गए।
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