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धान खरीदी के बाद अभी भी सेवा सहकारी समितियों में लगभग 9.22 लाख मीट्रिक टन धान रखा है। नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में धान को बारिश से बचाने कई अहम निर्णय लिये गए। मिलर्स द्वारा सीधे समितियों से धान उठाव और संग्रहण केन्द्रों में निरंतर परिवहन से लगभग 5.52 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव 17 दिनों में होगा। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बारिश के मौसम में समितियों में उपलब्ध धान खराब न होने देने 10 जून तक धान का उठाव सुनिश्चित करने कहा है।

मंत्रिमंडलीय उपसमिति में कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल शामिल थे। खाद्य मंत्री ने अधिकारियों को प्रतिदिन धान परिवहन की गति में बढ़ोतरी करने के निर्देश दिए। मंत्री मंडलीय उप समिति द्वारा मोटा और सरना धान के लिये 1350 रुपए प्रति क्विंटल या इससे अधिक और ग्रेड-ए (पतला) धान के लिये 1400 रूपए या इससे अधिक की राशि को स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्षा ऋतु के शीघ्र आगमन की संभावना को ध्यान में रखते हुए अब धान की नीलामी के लिए धान के रेट में कोई कमी नहीं करने का निर्णय लिया गया।
मंत्री-मंडलीय उपसमिति की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में खरीदे गए धान को जल्द से जल्द संग्रहण केन्द्रों में परिवहन कर तेजी से कस्टम मिलिंग कराने पर जोर दिया गया। गौरतलब है कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में सरप्लस (अतिशेष) धान की नीलामी और नीलामी में प्राप्त प्रस्ताव की दरों के अनुमोदन के लिए राज्य सरकार द्वारा मंत्री-मंडलीय उप समिति का गठन किया गया है। बैठक में राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल वर्मा, खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक निरंजन दास, मार्कफेड के प्रबंध संचालक अंकित आनंद और विशेष सचिव मनोज के. सोनी भी शामिल हुए।
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