मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक के कौही में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी नवाचार योजनाओं के माध्यम से पूरे देश को रास्ता दिखा रहा है। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील करने के लिए लागू की गई योजनाएं बड़ा बदलाव ला रही हैं। उत्तरप्रदेश में आवारा मवेशियों की समस्या बड़े पैमाने पर है और वहां भी छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल को लागू करने पर विचार किया जा रहा है। किसानों की फसलों का उचित मूल्य देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने जो फैसला लिया है। उसने पूरे देश में किसानों के मन में फसल के उचित दाम को लेकर उम्मीद जगाई है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जल संसाधन विभाग की 52 करोड़ रुपए की लागत की विकास योजनाओं और क्रेडा की 5 करोड़ 55 लाख रुपए लागत की विकास योजनाओं का लोकार्पण-भूमिपूजन भी किया।

मुख्यमंत्री ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लोगों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नरवा, गरूवा, घुरुवा, बाड़ी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े बदलाव हो रहे हैं। इन योजनाओं से खेती-किसानी को मजबूत बनाया जा रहा है। ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से हम 8000 गौठान से 63 लाख क्विंटल गोबर खरीदकर किसानों के खाते में 126 करोड़ रुपए की राशि पहुंच गई है। कृषि के अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सरकार द्वारा कई नई पहल की गई है। पूरे प्रदेश में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना में 172 इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले गए हैं इनमें से 6 स्कूल पाटन ब्लाक में ही है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ग्रामीणों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारे प्रदेश में किसान बहुत जागरूक हैं। हमने पैरा दान का आह्वान किया और लोगों ने बड़ी संख्या में पैरा दान किया। देशभर में पराली का संकट छाया हुआ है लेकिन हमने गौठान के माध्यम से इसके उचित उपयोग का रास्ता दिखाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौही में आज जो लिफ्ट इरिगेशन के माध्यम से तालाबों में पानी भरा जाएगा और वहां से सिंचाई होगी। इस प्रकार से होने वाली सिंचाई सामान्य सिंचाई की तुलना में 4 गुना अधिक प्रभावी होती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों को अलग-अलग समय पर पानी की जरूरत होती है, इसके लिए तालाब भरे रहें ताकि जरूरत पड़ने पर किसानों को पानी दिया जा सके। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू और सभापति रमण टिकरिया भी उपस्थित थे।
तालाब भराई योजनाओं का लोकार्पण-भूमिपूजन – मुख्यमंत्री ने कौही में जरवाय और तेलीगुण्डरा में तालाब भराई योजनाओं का लोकार्पण किया। इनकी लागत क्रमशः 87 लाख रुपये और 84 लाख रुपए है। उन्होंने खर्रा व तर्रीघाट में तालाब भराई योजनाओं का भूमिपूजन भी किया। क्रमशः 89 लाख रुपये व 57 लाख रुपये की लागत से योजनाएं पूरी होगी।
जलसंसाधन विकास योजनाओं का भूमिपूजन – मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 9.51 करोड़ रुपए की लागत से केसरा उदवहन सिंचाई परियोजना, 9.76 करोड़ रुपए की लागत से निपानी एनीकट, 13.53 करोड़ रुपये की लागत से किकिरमेटा उदवहन, 2.73 करोड़ रुपए की लागत से भरर जलाशय, 2.37 करोड़ रुपए की लागत से झाड़मोखली और ग्राम डीघारी में 3.17 करोड़ रुपए की लागत से निस्तारी तालाबों का भूमिपूजन किया। उन्होंने कुम्हली जलाशय के कार्यों का भूमि पूजन किया। किकिरमेटा जलाशय के मरम्मत के लिए दो करोड़ 99 लाख रुपये के कार्यों, फ्लड प्रोटेक्शन के लिए दो करोड़ 87 लाख रुपये के कार्यों, रानीतराई निरीक्षण गृह की फर्निशिंग और टेमरी निरीक्षण गृह के निर्माण का भूमि पूजन भी किया।
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