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ट्रैफिक सुधारने न कोई एक्शन, न कोई प्लान : सिर्फ चालान काटने वाला विभाग बन कर रह गया यातायात विभाग

धमधा नाका फ्लाईओवर में तकियापारा निवासी तौसीफ, अमन और साहिल की बीती रात सड़क हादसे में मौत  हो गई

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

बीते दो दिनों में दो अलग-अलग हादसों में 6 लोगों की मौत के बाद सवाल उठने लगे हैं कि शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने जिम्मेदार जिला प्रशासन और यातायात विभाग से कोई उम्मीद की जानी चाहिए या सब कुछ भगवान भरोसे छोड़ देना चाहिए। इन दो दुर्घटनाओं से इतर, एक बड़ा सच ये है कि पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का पूरी तरह भट्‌ठा बैठ चुका है। यातायात विभाग सिर्फ चालान काटने वाला विभाग बनकर रह गया है।

बेतरतीबी से सड़कों के किनारे खड़े वाहनों, तेज रफ्तार से बाईक उड़ाने वाले नौजवानों, जीई रोड पर चौड़ीकरण के नाम पर जगह-जगह गड्‌ढे खोदकर छोड़ने वाले पीडब्लूडी के अफसरों और ठेकेदार समेत ऐसे कई कारण हैं जिन्हें यातायात विभाग की सक्रियता से दुरुस्त किया जा सकता है। लेकिन, जिम्मेदार सरकारी अफसर भी क्या करें … विभाग के लिए तो वसूली ज्यादा जरूरी है (वैध वसूली भी और अवैध वसूली भी) … हादसे होते हैं तो होते रहें… मौतें होती हैं तो होती रहें ….

यह शहर का यह दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि शहर की चरमराई ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रति जिम्मेदार प्रशासनिक अमले ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। विधायक अरुण वोरा ने पखवाड़े भर पहले ही यातायात विभाग को एक्सीडेंट रोकने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिये थे। इससे पहले  भी वोरा ने कई बार प्रशासन से यातायात व्यवस्था को लेकर नाराजगी के साथ चिंता जताई है। इसके बावजूद यातायात विभाग की रूटीन बैठक तक नहीं हो रही है। बीते एक साल में यातायात दुरुस्त करने एक-दो बार बैठक की औपचारिकता निभाने के सिवा कोई काम ही नहीं हुआ।

ये हैं शहर के बड़े एक्सीडेंट जोन : प्रशासन फिर भी मौन

जीई रोड चौड़ीकरण का कार्य बेतरतीबी से होने के कारण नेहरू नगर चौक से पुलगांव चौक तक हादसे की आशंका रहती है। पूरी सड़क पर कहीं गड्ढे खोद दिये गए हैं तो कहीं चौड़ीकरण का काम अधूरा छोड़ दिया गया है। कई जगह नाली निर्माण के लिए गड्‌ढे खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया गया। लेआउट और प्लानिंग के बिना काम करने के कारण शहर के व्यस्ततम मार्ग जीई रोड की दुर्दशा हो चुकी है। हादसे का खतरा भी बना रहता है। पटेल चौक, पटेल चौक से पुलगांव ब्रिज, राजेंद्र चौक, मालवीय चौक और बस स्टैंड के सामने से गुजरते हुए राजनांदगांव, रायपुर, धमधा और बालोद रूट की यात्री बसों की दोनों ओर से आवाजाही के कारण यहां कभी भी भयंकर हादसा हो सकता है। इसी तरह गुरुद्वारा रोड काफी चौड़ी होने के बावजूद बेतरतीबी से खड़ी कारों, ट्रक व अन्य वाहनों के कारण भी हादसे का खतरा रहता है। लेकिन, यातायात विभाग के अमले का ध्यान चालान काटने में ज्यादा रहता है। यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की पहल कभी कभार ही होती है।

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