- अवैध प्लाटिंग हटाने अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही
- निगम प्रशासन, राजस्व विभाग व टाउन एवं कंट्री प्लानिंग विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर तोड़ दिये अवैध प्लाटिंग के स्ट्र्क्चर
- एमआर ले-आउट एवं डेव्लपर्स के विरूद्ध अवैध प्लाटिंग को लेकर लम्बे समय से मिल रही थी शिकायत
- निगम प्रशासन ने अवैध प्लाटिंग हटाने के लिए पूर्व में जारी की थी नोटिस
द सीजी न्यूज
दुर्ग / प्रशासन का डंडा आज खूब जोर से चला। पिछले कई साल से राजनैतिक संरक्षण के कारण एमआर लेआउट एंड डवलपर्स की अवैध प्लाटिंग के फलते-फूलते कारोबार पर पहले ही कार्रवाई की गाज गिर सकती थी, लेकिन राजनैतिक रसूख के कारण सरकारी तंत्र के कदम थम गए। संभागायुक्त महादेव कांवरे तक अगर शिकायत नहीं पहुंचती, तो आज की ताबड़तोड़ कार्रवाई शायद नहीं हो पाती। संभागायुक्त ने जिस दृढ़ता से यह कार्रवाई की है, उसकी प्रशंशा हो रही है। अवैध प्लाटिंग का खेल करने वालों की नींद भी उड़ गई है।
एक उच्चाधिकारी के फोन से कार्रवाई करने निकले अफसरों की कारों को लेना पड़ा था यू टर्न
करीब पौने दो साल पहले नगर निगम और टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अफसरों ने एमआर लेआउट एंड डवलपर्स के खिलाफ कार्रवाई की थी। अवैध प्लाटिंग वाले हिस्से में सांकेतिक रूप से ही सही, लेकिन तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की गई। मौके पर मौजूद मनोज राजपूत को नोटिस भी थमाई गई और जवाब भी मांगा गया। जवाब के साथ तमाम दस्तावेजों का परीक्षण करने की कार्रवाई एक माह तक चली। इसके बाद टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और नगर निगम की टीम ने अवैध कारोबार के स्ट्रक्चर पर बुलडोजर चलाने का फैसला किया। दोनों विभागों के अफसरों की टीम रवाना हो गई।
अचानक … एक उच्चाधिकारी के फोन के बाद अफसरों की कारों ने यू टर्न ले लिया। कार्रवाई टल गई। अफसर अपने अपने दफ्तर में लौट गए। अवैध कारोबार के तमाम दस्तावेजी सबूतों के बावजूद करीब डेढ़ साल से ज्यादा समय तक कार्रवाई नहीं हुई। दरअसल, उच्चाधिकारी ने पड़ोस के एक विधायक के कहने पर कार्रवाई न करने के निर्देश दिये थे। विधायक का कारोबारी और राजनीतिक सहयोगी एक युवा कांग्रेसी है। इस युवा कांग्रेसी के कारोबारी रिश्ते एमआर ले आउट एंड डवलपर्स के प्रोप्राइटर मनोज राजपूत से जगजाहिर हैं।
आज खूब चला बुलडोजर
संभागायुक्त के निर्देश पर आज नगर निगम दुर्ग, राजस्व विभाग, दुर्ग और टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, दुर्ग की संयुक्त टीम का बुलडोजर खूब दौड़ा। अवैध कारोबार के स्ट्रक्चर ढहाता रहा। प्लानिंग के तहत निगम आयुक्त और एसडीएम ने अभियान सुबह से अभियान शुरू किया।उनके आदेश पर सुबह साढ़े 8 बजे भवन अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, अतिक्रमण अधिकारी अपने पूरे अमले के साथ निगम कार्यालय में उपस्थित हुए। तहसीलदार के साथ ही मोहन नगर थाना प्रभारी और दुर्ग थाना प्रभारी पूरी टीम के साथ मौजूद रहे। महिला पुलिस बल भी मौके पर उपस्थित रही।
निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने बताया कि लगभग पचास एकड़ एरिया में बाउण्ड्रीवाल व उनमें किये गए निर्माण, मेन गेट, सड़कों व अन्य स्ट्रक्चर को जेसीबी के माध्यम से धराशायी किया गया। एमआर ले-आउट एंड डेवलपर्स के विरूद्ध कार्यवाही की गई। इस फर्म को अवैध प्लाटिंग न करने की चेतावनी देते हुए निगम प्रशासन ने पूर्व में तीन बार नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। इसके बाद यह कार्रवाई की गई।
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