मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शस्त्र विद्या के गुरु, भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि भगवान परशुराम पराक्रम के प्रतीक माने जाते हैं। अन्याय के विरोध और मानवहित के लिए किये गए कार्यों के लिए भी उन्हें जाना जाता है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को अक्ति (अक्षय तृतीया) तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। अक्षय तृतीया की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि अक्षय तृतीया के दिन शुरू हुए काम की पूर्णता निश्चित मानी जाती है, इसलिए यह दिन बहुत शुभ और अक्षय माना गया है। उन्होंने कहा कि शादी-ब्याह के लिए भी इस दिन मुहूर्त नहीं देखा जाता। इस दौरान कई बाल-विवाह के मामले भी सामने आते है, जिससे समाज को मुक्त करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि परम्परा में भी अक्ति का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन से नई फसल के लिए तैयारी शुरू होती है। मिट्टी के गुड्डे-गुड़ियों की शादी की परम्परा से हमारे पुरखों ने इस त्यौहार को धरती से जोड़ा है, जिससे हम जीवन के आधार माटी को जीवंत मानकर उसका आदर सम्मान करें। अक्ति के शुभ दिन के महत्व को देखते हुए छत्तीसगढ़ में पिछले साल से माटी पूजन अभियान की शुरूआत कर मिट्टी की उर्वरा शक्ति को अक्षय रखने की पहल की गई है। पिछले दशकों में खेतों में रसायन और कीटनाशकों के अधिक उपयोग से धरती की उर्वराशक्ति नष्ट हो रही है। इससे हमारे अनाज विषैले होते जा रहे है, जिसका हमारे साथ-साथ पशुओं के स्वास्थ पर भी बुरा असर हो रहा है। उन्होंने कहा है कि अपनी माटी और धरती को अभी यदि नहीं बचाया गया तो बहुत देर हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने माटी पूजन महाअभियान में सभी किसानोें और छत्तीसगढ़िया भाई-बहनों के सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है।
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