दुर्ग / कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने आज जिला चिकित्सालय दुर्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आर्थाे ओपीडी, सर्जरी ओपीडी, ईएनटी ओपीडी, आई ओपीडी और मेडिसिन ओपीडी में विशेषज्ञ मिले, लेकिन मानसिक ओपीडी और स्किन ओपीडी में विशेषज्ञ नहीं थे। मानसिक ओपीडी में कलेक्टर द्वारा स्टॉफ से विशेषज्ञ के ओपीडी में आने और जाने के संबंध में पूछताछ की गई। स्टाफ ने कलेक्टर को बताया कि मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आंकाक्षा गुप्ता दानी जब से जिला चिकित्सालय दुर्ग में सेवाएं दे रही हैं, तब से रोज 10 से 10. 15 के बीच ओपीडी में उपस्थित होती हैं और 12 से 12ः15 के बीच ओपीडी से चली जाती है। सायंकालीन ओपीडी में भी नहीं आती है।
इसी तरह चर्म रोग ओपीडी में चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा पाण्डेय नहीं थी। कलेक्टर ने उपस्थित स्टॉफ से उनके आने-जाने का समय पूछा तो पता चला कि चर्म रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय में रोज ओपीडी में 9.40 बजे के बाद उपस्थित होती हैं और दोपहर 12 बजे ओपीडी से चली जाती हैं। सायंकालीन ओपीडी में भी नहीं आती है और नान ईडीएल दवाईयों को मरीजों की पर्ची में लिखा जाता है, जिसे एक निर्धारित दवा दुकान से खरीदने के लिये कहा जाता है।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के समय पर अस्पताल न आने और समय से पहले चले जाने पर नाराजगी जताई। मनोरोग और चर्मरोग विशेषज्ञ की सेवा समाप्ति के संबंध में निर्देश दिये गए हैं। कलेक्टर ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी विशेषज्ञ / चिकित्सा अधिकारी बायोमेट्रिक मशीन पर अपनी उपस्थित दर्ज कराएंगे और बायोमेट्रिक मशीन द्वारा जनरेट रिपोर्ट के आधार पर ही वेतन का भुगतान किया जाएगा।
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