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तीन उपचुनाव में कांग्रेस अजेय रही : खैरागढ़ उपचुनाव में होगा सबसे कड़ा मुकाबला : कांग्रेस-भाजपा ने ताकत झोंकी

  • भाजपा के स्टार प्रचारकों में शिवराज, सिंधिया, पुरंदेश्वरी, रमन सरीखे कद्दावर नेता
  • कांग्रेस की सूची जारी होना बाकी, लेकिन पूरी कमान संभालेंगे सीएम भूपेश बघेल 

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

चार राज्यों में शानदार जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ उपचुनाव में आक्रामक अंदाज के साथ चुनाव मैदान में उतरने के संकेत दे दिये हैं। भाजपा ने यहां से कोमल जंघेल को प्रत्याशी बनाया है। सवा तीन साल पहले हुए चुनाव में कोमल जंघेल काफी कम वोटों से हारे थे। इस बार दोबारा उन्हें चुनाव मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस ने यहां से लोधी समाज से यशोदा वर्मा को प्रत्याशी बनाया है।

भाजपा को जंघेल के जीतने की उम्मीद है। यही वजह है कि भाजपा चुनाव प्रचार अभियान में किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहती। भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय उड्‌डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह, प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी, सह प्रभारी नितिन नवीन, केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह सहित कई नामचीन चेहरों को शामिल किया गया है।

स्टार प्रचारकों की सूची में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय, संगठन मंत्री शिव प्रकाश, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, राज्यसभा सदस्य सरोज पांडेय, रामविचार नेताम, बृजमोहन अग्रवाल, पवन साय,  गौरीशंकर अग्रवाल, विक्रम उसेंडी, पन्नालाल मोहले, ननकीराम कंवर, सांसद अरुण साव, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय, अजय चंद्राकर, केदार कश्यप, नारायण चंदेल खूबचंद पारख, शिव रतन शर्मा, सांसद विजय बघेल, मोतीलाल साहू, संतोष पांडेय, चंदूलाल साहू, लता उसेंडी, राजेश मूणत जैसे नेताओं को शामिल किया गया है।

भारीभरकम हैवेवीट स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर भाजपा ने जाहिर कर दिया है कि वे उपचुनाव को काफी गंभीरता से ले रहे हैं। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से प्रदेश में हुए तीनों उपचुनावों में कांग्रेस अजेय रही है। तीनों उपचुनाव में भाजपा को करारी पराजय का सामना करना पड़ा। यही वजह है कि अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले इस बार के उपचुनाव में भाजपा नेता पूरे लाव लश्कर के साथ मैदान में उतरने की रणनीति बना रहे हैं।

कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा पूर्व जिला पंचायत सदस्य हैं, जबकि कोमल जंघेल दो बार यहां से विधायक रह चुके हैं। पिछले चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले में जंघेल महज 870 वोटों से हारे थे। उन्हें जनता कांग्रेस प्रत्याशी देवव्रत सिंह ने हराया था। कांग्रेस प्रत्याशी यहां तीसरे स्थान पर रहे।  इन तमाम कारणों से खैरागढ़ उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा की तुलना में कोमल जंघेल को दमदार प्रत्याशी माना जा रहा है। दूसरी ओर, कांग्रेस को पिछले तीन साल में प्रदेश में कराए गए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी नीतियों पर पूरा भरोसा है।

जनता कांग्रेस के स्टार अजीत जोगी के निधन के बाद पार्टी हाशिये पर है। जनता कांग्रेस को खैरागढ़ उपचुनाव में किसी भी तरह की उम्मीद नहीं करना चाहिए। कांग्रेस की ताकत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर केंद्रित है। तीन उपचुनावों में अजेय रहे भूपेश के आक्रामक शैली में चुनाव प्रचार और इलेक्शन मैनेजमेंट के दांव के आगे भाजपा के स्टार प्रचारकों की टीम और चुनाव प्रबंधन कितना रंग जमा पाएंगे ? यह 12 अप्रैल को होने वाले मतदान और 16 अप्रैल को मतगणना से ही पता चलेगा। लेकिन, यह तय है कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से दोनों दलों के बीच यह सबसे कड़ा मुकाबला होगा। दोनों दल पूरी ताकत के साथ जीत की तैयारी में जुट गए हैं।

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